Thursday, August 13, 2026
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आपधक्का-मुक्की में कई घायल, महिला अभ्यर्थियों ने पुलिस पर थप्पड़ मारने और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए

आपधक्का-मुक्की में कई घायल, महिला अभ्यर्थियों ने पुलिस पर थप्पड़ मारने और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए

देहरादून। अपनी पांच प्रमुख मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे बेरोजगार नर्सिंग कर्मचारी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच करने निकले। लेकिन इससे पहले ही दून पुलिस ने जगह-जगह उनके जत्थों को रोकना शुरू कर दिया था। इसी बीच नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर और पुलिस के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद सीओ डालनवाला अनुज ने रैली की अनुमति तो दे दी, लेकिन छोटे बच्चों को रैली से दूर रखने की सख्त चेतावनी भी जारी की। निर्देश का पालन करते हुए महिला नर्सों ने बच्चों को वापस भेज दिया।

दिलाराम चौक से रैली आगे बढ़ी, लेकिन सालावाला–हाथीबड़कला पुल के पास पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर अभ्यर्थियों को रोक दिया। रोकने का प्रयास होते ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसमें कई नर्सिंग अभ्यर्थी चोटिल हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो उठा। इसी दौरान एक महिला नर्सिंग अभ्यर्थी को महिला पुलिसकर्मी द्वारा थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया, जिससे प्रदर्शनकारी भड़क उठे। नर्सिंग अभ्यर्थी मधु उनियाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण कूच के बावजूद पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया और महिलाओं के साथ हाथापाई की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई लोगों को जबरन वाहनों में बैठाया और उन्हें सीधे एकता विहार धरना स्थल ले जाकर छोड़ दिया।

अभ्यर्थी विनिता ने कहा कि कोविड काल में दिन-रात ड्यूटी करने के बाद भी आज उन्हें बेरोजगारी और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अभ्यर्थी सपना ने बताया कि महिला पुलिस ने उन पर हाथ उठाया, जिसकी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

राजेंद्र कुकरेती ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया।

घटना के बाद पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को हिरासत से छोड़कर एकता विहार धरना स्थल पर पहुंचाया, जहां उनका आंदोलन जारी रहा।

शाम को पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत, यूकेडी प्रतिनिधि और अन्य संगठनों के लोग धरना स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों को समर्थन दिया। डॉ. रावत ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला नर्सों के साथ ऐसा बर्ताव शर्मनाक है और वर्दी की गरिमा का दुरुपयोग है।

धरना स्थल पर मौजूद प्रमुख लोगों में नवल पुंडीर, अनिल रमोला, विकास पुंडीर, परवेश रावत, सुमन, शहाना, सरिता जोशी, गणेश, प्रमोद चमोली, अशुतोष, राज, लक्ष्मण बिष्ट, शिवम गोदियाल, मधु उनियाल, सुनिता, मीना रावत, नीतू शर्मा और प्रेमा शामिल रहे।

अंत में अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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