Thursday, August 20, 2026
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LUCC घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 30 करोड़ से अधिक की सिक्योरिटीज और 9 लग्जरी वाहन जब्त

मुंबई और भोपाल में 13 से 16 अगस्त तक चली छापेमारी; 1.53 करोड़ नकद, विदेशी मुद्रा और 5.25 करोड़ का सोना-चांदी भी बरामद

देहरादून। लोन और निवेश के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े LUCC मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी मुख्यालय, नई दिल्ली की टीम ने 13 से 16 अगस्त 2026 के बीच मुंबई और भोपाल में समीर अग्रवाल और उसके सहयोगियों से जुड़े आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तलाशी अभियान चलाया।

ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सूचीबद्ध शेयर एवं अन्य सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, एलआईसी पॉलिसियां और बैंक खातों में जमा रकम से संबंधित संपत्तियां जब्त की गईं। इसके अलावा नौ महंगी गाड़ियां भी एजेंसी की कार्रवाई के दायरे में आईं।

करोड़ों की नकदी और कीमती धातु बरामद

तलाशी के दौरान ईडी ने 1.53 करोड़ रुपये की नकदी, करीब 35.28 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा और लगभग 5.25 करोड़ रुपये मूल्य का सोना-चांदी का बुलियन बरामद करने का दावा किया है।

एजेंसी के मुताबिक, जब्त और बरामद संपत्तियों का संबंध कथित निवेश धोखाधड़ी और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन से होने की जांच की जा रही है।

फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम के नाम पर निवेश जुटाने का आरोप

ईडी ने बताया कि LUCC और उससे जुड़ी सहकारी समितियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर धनशोधन मामले की जांच शुरू की गई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2009 से लोगों को फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम के नाम पर निवेश के लिए आकर्षित किया गया। आरोप है कि समीर अग्रवाल के SAGA ग्रुप की ओर से निवेशकों को तीन से पांच साल में रकम दोगुनी या तिगुनी करने का भरोसा दिया जाता था। इसके साथ कार, मकान और अन्य महंगे उपहार देने के दावे भी किए जाते थे।

ईडी के मुताबिक, बैंकिंग व्यवस्था और आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर लोगों से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाए जाने का आरोप है।

निवेश की रकम के दुरुपयोग का आरोप

जांच एजेंसी का आरोप है कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान किया गया, लेकिन बाद में जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा समीर अग्रवाल और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर निजी लाभ तथा एजेंटों को कमीशन देने में इस्तेमाल किया।

ईडी के अनुसार, निवेशकों से बड़ी मात्रा में रकम नकद में जुटाई गई और क्षेत्रीय कैश-चेस्ट के माध्यम से अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाई गई। एजेंसी अब इन पैसों के लेनदेन और अंतिम लाभार्थियों की भूमिका की जांच कर रही है।

50 से ज्यादा शेल कंपनियों का नेटवर्क सामने आने का दावा

ईडी ने जांच में देश और विदेश में संपत्तियां खरीदने के लिए कथित तौर पर शेल कंपनियों और हवाला चैनलों के इस्तेमाल का भी दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान 50 से अधिक शेल संस्थानों का नेटवर्क सामने आया है, जिन्हें कथित तौर पर अलग-अलग ऑपरेटरों के जरिए नियंत्रित किया जा रहा था।

जांच एजेंसी इन संस्थानों के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों की खरीद और धन के संभावित हस्तांतरण की पड़ताल कर रही है।

समीर अग्रवाल फरार, सहयोगी गिरफ्तार

ईडी के मुताबिक, समीर अग्रवाल को SAGA ग्रुप का सीएमडी और मुख्य नियंत्रक बताया गया है। एजेंसी का कहना है कि अग्रवाल फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

मामले में ग्रुप के एक प्रमुख पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी को ईडी ने 14 जुलाई 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद एजेंसी ने 24 जुलाई को विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत दाखिल की।

पहले भी संपत्तियां हो चुकी हैं अटैच

ईडी के अनुसार, मामले में इससे पहले भी दो अलग-अलग अनंतिम कुर्की आदेशों के तहत संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। ताजा तलाशी अभियान के दौरान सामने आई संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच जारी है।

एजेंसी अब जब्त की गई वित्तीय परिसंपत्तियों, नकदी, कीमती धातुओं और वाहनों के स्रोत तथा कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से उनके संबंधों की पड़ताल कर रही है। मामले में ईडी की जांच अभी जारी है।

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