Thursday, August 13, 2026
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पत्नी पर पिस्टल तानने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख यश यादव का शस्त्र लाइसेंस डीएम देहरादून ने किया सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख यश यादव पर आरोप है कि उन्होंने देहरादून में रेसकोर्स के फर्जी पते पर पिस्टल/रिवाल्वर का लाइसेंस प्राप्त कर लिया। बात-बात पर वह पत्नी शिखा यादव पर पिस्टल तान देते। अपनी जान का खतरा महसूस करते हुए मैनपुरी निवासी पत्नी जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के पास पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति के फर्जी ढंग से लाइसेंस लेने की पूरी कहानी भी सुनाई। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी को आदेश दिया कि वह हथियार को कब्जे में लेकर पुलिस अभिरक्षा में रखें।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख की पत्नी शिखा यादव ने एक अगस्त को जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति वर्ष 2015 से 2020 तक ब्लाक प्रमुख रहे हैं। उनके पास मैनपुरी के जिलाधिकारी की ओर से जारी किया गया राइफल का लाइसेंस है। आरोप लगाया गया कि यश यादव ने वर्ष 2018/2019 में दस्तावेजों में हेरफेर कर देहरादून के रेसकोर्स के फर्जी पते पर यहां से पिस्टल का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। जबकि हकीकत में यश यादव की उत्तराखंड में कोई संपत्ति नहीं है और न ही उन्होंने यहां निवास किया है।

शिखा यादव ने यह भी कहा कि यश जालसाज किस्म के व्यक्ति हैं और वर्ष 2018 में जब उनका विवाह हुआ, तभी से वह दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। वह आए दिन मारपीट करते हैं और कनपटी पर बंदूक सटाकर जान से मारने की धमकी देते हैं। शिखा ने आरोप लगाया कि यश यादव का किसी अन्य लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा है और वह रंगे हाथ भी पकड़े जा चुके हैं। दोनों उसे जान से मारने की कोशिश में रहते हैं। लिहाजा, यश यादव का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर हथियार को जब्त किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया और इसके निरस्तीकरण के लिए विधिक राय भी ली। प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण योग्य माना गया है। जिलाधिकारी ने यश यादव को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनका शस्त्र लाइसेंस अंतिम रूप से निरस्त कर दिया जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

यश पर कोतवाली मैनपुरी में दर्ज है मुकदमा
पूर्व ब्लाक प्रमुख की पत्नी शिखा ने जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में कहा है कि यश यादव के विरुद्ध कोतवाली मैनपुरी में धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज है। यह अभी न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप यह भी लगाया गया है कि यश यादव आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। हालांकि, देहरादून के जिलाधिकारी की ओर से कड़ा संज्ञान लिए जाने के बाद अब यश यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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