Tuesday, June 2, 2026
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दयारा बुग्याल ट्रेक पर रहस्यमयी ढंग से लापता हुई बबीता, ट्रेकिंग एजेंसी का रजिस्ट्रेशन निरस्त

उत्तरकाशी:

उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक पर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई नैनीताल (रामनगर) निवासी 30 वर्षीय बबीता पांडे का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन को और अधिक आक्रामक बनाते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों को ड्रोन और खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) के साथ पूरे गोई क्षेत्र में उतारा है। दूसरी तरफ, लापरवाही के आरोप में पर्यटन विभाग ने ट्रेकिंग एजेंसी ‘ब्रोमाउंटेन’ और उसके गाइड का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

अपहरण का मुकदमा दर्ज, साथ आए दो दोस्तों से पूछताछ

पुलिस अधीक्षक (SP) कमलेश उपाध्याय के अनुसार, बबीता पांडे 25 मई को अपने दोस्तों के साथ देहरादून पहुंची थीं। वहाँ से वे गंगोत्री और हर्षिल घूमने गए। 28 मई को उत्तरकाशी लौटने के बाद अगले दिन (29 मई) वे दयारा बुग्याल ट्रेकिंग के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार देर रात गोई क्षेत्र से बबीता अचानक गायब हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है और बबीता के साथ ट्रेकिंग पर गए दोनों युवकों को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।

डीएम और एसपी का बयान: जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि बबीता की तलाश के लिए उपलब्ध सभी आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं एसपी ने साफ किया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता युवती को सुरक्षित ढूंढना है और मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।

दिव्यांग पिता और बूढ़ी दादी की आंखें पथराईं

बबीता के लापता होने के बाद से रामनगर में उसके घर पर कोहराम मचा हुआ है। बबीता दो भाइयों की इकलौती बहन और परिवार की सबसे बड़ी संतान है, जो वर्तमान में एमबीए (MBA) की पढ़ाई करने के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रही थी।

लाचार पिता का दर्द: बबीता के पिता करीब पांच साल पहले एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण पूर्ण रूप से दिव्यांग (पैरों से लाचार) हो गए थे। उन्होंने भावुक होकर रोते हुए प्रशासन से बेटी को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

उत्तरकाशी पहुंचे मां-भाई: घटना की सूचना मिलते ही बबीता की माँ और भाई उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं और खुद रेस्क्यू टीमों के साथ जंगलों में खोजबीन में जुटे हैं।

ट्रेकिंग एजेंसी पर हमेशा के लिए बैन लगाने की तैयारी

ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही बरतने को लेकर जिला प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। पर्यटन विभाग ने ‘ब्रोमाउंटेन’ ट्रेकिंग एजेंसी और गाइड पर न सिर्फ तात्कालिक कार्रवाई की है, बल्कि इन पर भविष्य के लिए भी हमेशा के लिए ट्रेकिंग कराने पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।

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