Tuesday, June 9, 2026
Google search engine
Homeराज्य समाचारउत्तराखण्डऋषिकेश के साईं घाट पर हादसा, माता-पिता की आंखों के सामने ओझल...

ऋषिकेश के साईं घाट पर हादसा, माता-पिता की आंखों के सामने ओझल हुआ इकलौता बेटा

ऋषिकेश में दर्दनाक हादसा: माता-पिता की आंखों के सामने गंगा के तेज बहाव में बहा हरियाणा का 20 वर्षीय युवक

ऋषिकेश: उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ मुनिकीरेती क्षेत्र के साईं घाट पर माता-पिता के साथ गंगा स्नान कर रहा एक 20 वर्षीय युवक अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। लापता युवक की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी शुभम के रूप में हुई है। इस दुखद हादसे के बाद से युवक के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अभी तक युवक का कुछ पता नहीं चल पाया है।

धार्मिक यात्रा पर आया था परिवार

जानकारी के अनुसार, शुभम (20 वर्ष) अपने माता-पिता के साथ हरियाणा के रोहतक से उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा पर ऋषिकेश आया हुआ था। सोमवार को पूरा परिवार मुनिकीरेती स्थित साईं घाट पर गंगा स्नान के लिए गया था। चश्मदीदों के मुताबिक, स्नान करने के दौरान अचानक गंगा का बहाव तेज हो गया, जिससे शुभम का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी की तरफ खिंचता चला गया।

बेटे को डूबता देख माता-पिता ने शोर मचाया और उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन गंगा की उफनती लहरों के आगे उनकी एक न चली। देखते ही देखते शुभम आंखों के सामने से ओझल हो गया।

बहाव और बढ़ता जलस्तर बनी चुनौती

घटना के तुरंत बाद घाट पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मुनिकीरेती पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया: “युवक की तलाश के लिए गोताखोरों, रेस्क्यू बोट और आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर और तेज बहाव रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे खोजबीन में दिक्कतें आ रही हैं।”

प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील

इस दुखद घटना के बाद घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं में भी दहशत का माहौल है। प्रशासन ने एक बार फिर सख्त चेतावनी जारी करते हुए पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा में स्नान करते समय सुरक्षा मानकों (जैसे चैन या बैरिकेडिंग) का पालन करें। मानसून के इस सीजन में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है, इसलिए गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

फिलहाल, देर शाम तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद भी शुभम का कोई सुराग नहीं लग पाया था। परिजन अभी भी घाट पर इस आस में बैठे हैं कि उनका बेटा सकुशल मिल जाए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular