Sunday, February 8, 2026
Google search engine
Homeराज्य समाचारउत्तराखण्डलिमच्यागाड में बना वैली ब्रिज - सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल

लिमच्यागाड में बना वैली ब्रिज – सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल

  • लिमच्यागाड में बना वैली ब्रिज – सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल
  • मुख्यमंत्री द्वारा राहत एवं बचाव अभियान की निरंतर निगरानी का नतीजा
  • आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण की राह हुई प्रशस्त

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लिमच्यागाड में आपदा से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर वैली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। युद्धस्तर पर कार्य कर तीन दिनों की अल्प अवधि  में पुल बना दिए जाने से गंगोत्री मार्ग पर अब सोनगाड तक सड़क मार्ग सुचारू हो गया है और इससे आगे क्षतिग्रस्त सड़क का तेजी से पुनर्निर्माण करने की राह भी प्रशस्त हो गई है।

गत दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अनेक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था और गंगनानी से आगे लिमच्यागाड़ पर बना 30 मीटर लंबाई का पुल आपदा के दौरान बह गया। जिसके फलस्वरूप सीमांत टकनौर क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव तथा पुनर्निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री निरंतर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की निगरानी व निर्देशन में राज्य व केंद्र सरकार के अनेक विभागों व एजेंसियों द्वारा रेस्क्यू एवं राहत अभियान बेहतर समन्वय और पूरी तेजी के साथ संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में यथाशीघ्र सामान्य स्थिति बहाल करने हेतु  दिन रात काम किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधा, बिजली और पेयजल की आपूर्ति को बहाल किया जा चुका है।
भटवाड़ी सहित अन्य जगहों पर क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल करने के बाद सीमा सड़क संगठन ने लोनिवि के सहयोग से दिनरात जुट कर लिमच्यागाड मे वैली ब्रिज बनाने का चुनौतीपूर्ण कार्य रविवार सांय को पूरा कर लिया है।
गंगोत्री मार्ग पर अब सोनगाड तक सड़क संपर्क बहाल हो जाने के फलस्वरूप इससे आगे के हिस्सों में क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे। इससे राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं तीव्र गति से संचालित किया जा सकेगा।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular