देहरादून।
फरवरी महीने की शुरुआत उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की जगह नई परेशानी लेकर आई है। राज्य में बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
यूपीसीएल ने लागू की संशोधित बिजली दरें
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने फरवरी माह के लिए बिजली की नई दरें प्रभावी कर दी हैं। इन संशोधित दरों के लागू होते ही राज्यभर के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल में इजाफा होना तय है।
FPPCA के तहत बढ़ी कीमतें
यूपीसीएल की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के अंतर्गत की गई है। बिजली उत्पादन और खरीद में बढ़ी लागत को समायोजित करने के लिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाला गया है। जानकारी के मुताबिक बिजली दरों में करीब 16 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को निगम के बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है।
मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर सीधा असर
नई दरों का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर पड़ने की संभावना है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए बढ़ा हुआ बिजली बिल चिंता का कारण बन गया है।
उपभोक्ताओं में नाराजगी, राहत की मांग
बिजली दरों में इजाफे के बाद उपभोक्ताओं के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सरकार और विद्युत नियामक आयोग से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल बढ़ी हुई दरें फरवरी से लागू हो चुकी हैं और अब सभी की नजरें आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।

