देहरादून। राजधानी के डालनवाला क्षेत्र में हुए अर्जुन शर्मा हत्याकांड ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने ला दिए हैं। पारिवारिक कलह, करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी विवाद, जेल से धमकी भरे फोन कॉल और पूर्व में दी गई सुरक्षा शिकायतें—इन सबने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा (निवासी 41/1, बसंत विहार, देहरादून) ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सास बीना शर्मा सहित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल तथा एस.के. मेमोरियल हॉस्पिटल से जुड़े डॉ. अजय खन्ना पर पति की हत्या कराए जाने का शक जताया है। शिकायत के आधार पर कोतवाली डालनवाला में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
40–42 करोड़ के लेन-देन का विवाद
मामले में सामने आया है कि प्रॉपर्टी को लेकर करीब 40 से 42 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवाद चल रहा था। मृतक के करीबी और वर्षों से साथ काम कर रहे विजय ने आरोप लगाया है कि अर्जुन शर्मा का विजय उनियाल नामक व्यक्ति के साथ बड़ा आर्थिक विवाद था। अर्जुन इस लेन-देन का विरोध कर रहे थे, जिससे पारिवारिक तनाव भी बढ़ गया था। बताया जा रहा है कि यह विवाद न्यायालय में भी लंबित है।
पहले से मिल रही थीं धमकियां
जानकारी के अनुसार, अर्जुन शर्मा को पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायत की थी। सिस्टम के पास धमकियों और विवाद की जानकारी होने के बावजूद कथित तौर पर न तो पर्याप्त सुरक्षा दी गई और न ही निगरानी की ठोस व्यवस्था की गई।
दोस्त का खुलासा: जेल से आ रहे थे कॉल
घटना के बाद अर्जुन के करीबी दोस्त राजीव यादव ने बड़ा खुलासा किया है। उनके अनुसार, प्रॉपर्टी विवाद को लेकर अर्जुन को लगातार धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाला व्यक्ति बिहार की बेउर जेल से फोन कर रहा था। इस संबंध में एसएसपी को लिखित शिकायत दी गई थी, एफआईआर दर्ज कराई गई थी और कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई थी।
पुलिस जांच तेज, कई टीमें गठित
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सर्विलांस व कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ समाप्त हो चुका है। तिब्बती मार्केट में प्रेस क्लब के पास दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटनाएं पुलिस व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती हैं।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पारिवारिक विवाद, आर्थिक लेन-देन, जेल से आई कॉल्स और पूर्व शिकायतों को जांच के दायरे में लेकर साक्ष्य जुटा रही है। हत्याकांड ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

