Tuesday, March 24, 2026
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धामी के कार्यकाल से पहले जारी था परीक्षाओं मे नकल का सिलसिला: चौहान

धामी के कार्यकाल से पहले जारी था परीक्षाओं मे नकल का सिलसिला: चौहान

नकल विरोधी कानून पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस की मंशा सवालों के घेरे मे

नहीं छूट पाएंगे धामी के चाबुक से हाकम के हाकिम

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सरकार नकल माफियाओं को जेल मे डालने के प्रति प्रतिबद्ध है। भाजपा कांग्रेस समर्थित माफियाओं की पहल को कामयाब नही होने देगी। उन्होंने विपक्ष की मंशा को सवालों के घेरे मे बताया और आरोप लगाया की कांग्रेस षडयंत्र के तहत सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रही है । ये निश्चित है कि धामी के चाबुक से हाकम के हाकिम नहीं बच पाएंगे ।
कांग्रेस के आरोपों पर चौहान ने कहा कि यूकेएसएससी द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक को लेकर कुछ संगठनों के द्वारा भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। इससे एक सोची समझी साज़िश के तहत युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है । जबकि यूकेएसएसएससी के अनुसार पेपर लीक जैसा कोई मामला नहीं है । पेपर की तीन पेज का स्क्रीन शॉट साजिश के तहत किसी के द्वारा परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद बाहर निकला है । यह जांच का विषय है। आख़िर कैसे पेपर के तीन पेज बाहर आए ? किसने भेजे इसकी जाँच यूकेएसएससी करा रही है? किस परीक्षा केंद्र से किसने किया जाँच हो रही है? लेकिन पेपर लीक जैसा कोई मामला नहीं है । परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद ऐसा किसी ने षड्यंत्र के तहत सरकार की पारदर्शी परीक्षा करने के अभियान को बदनाम करने की कोशिश की है।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में लागू किया है । युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का छल और अन्याय न हो इसके लिए उत्तराखंड से नकल माफियाओं के तंत्र को जड़ से समाप्त करने का काम किया है । अभी तक 200 से अधिक नकल माफियाओं एवं भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने का काम किया है ।

चौहान ने कहा कि धामी जी के सख़्त नक़ल विरोधी क़ानून एवं पारदर्शी नीतियों के कारण आज लगभग सभी विभागों में 30 हज़ार से अधिक लोगो को सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य मे प्रतियोगी परीक्षाओं मे नकल का पहले से बोलबाला रहा और यह सीएम धामी सरकार ने ही पकड़ा। आज तमाम राजनैतिक दल दलीले दे रहे, लेकिन राजनीतिज्ञ तब जानबूझकर चुप्पी साधे रहे। सिलसिला जारी रहा, लेकिन जब इस पर कार्यवाही की गयी तो सब इस विवेचना करने के लिए बाहर निकल गए। धामी सरकार ने कड़ा कानून बनाया और विपक्ष इस पर सराहना के बजाय सवाल उठाता रहा। जबकि पूरे देश मे इसकी चर्चा हुई और कई राज्यों मे इसका अनुसरण किया गया।

उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ अन्याय नही होगा और पारदर्शिता के वातावरण मे हर परीक्षाएं होगी। जिस भरोसे से धामी सरकार ने नकल माफियाओं को को सलाखों के पीछे भेजकर विश्वास दिलाया उसी तरह से उन्हे पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर विश्वास करने की जरूरत है।

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