Tuesday, July 21, 2026
Google search engine
Homeराज्य समाचारउत्तराखण्डउत्तराखंड ने जियोथर्मल ऊर्जा की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम, तपोवन में...

उत्तराखंड ने जियोथर्मल ऊर्जा की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम, तपोवन में वैज्ञानिक अन्वेषण शुरू

तपोवन जियोथर्मल परियोजना का अन्वेषण कार्य शुरू, उत्तराखण्ड ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम

उत्तराखण्ड ने भू-तापीय (जियोथर्मल) ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए चमोली जनपद के तपोवन में जियोथर्मल परियोजना के वैज्ञानिक अन्वेषण कार्य की शुरुआत कर दी है। परियोजना के लिए विश्व की अग्रणी आइसलैंड की जियोथर्मल विशेषज्ञ संस्था Verkis Consulting Engineers की भारतीय सहयोगी फर्म को यूजेवीएन लिमिटेड ने परामर्शदाता नियुक्त किया है।

प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुन्दरम् ने बताया कि परामर्शदाता द्वारा प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ड्रिलिंग, भू-वैज्ञानिक परीक्षण और अन्य तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में भू-तापीय ऊर्जा नीति लागू की थी और जून 2026 में तपोवन परियोजना यूजेवीएन लिमिटेड को अन्वेषण के लिए आवंटित की गई।

यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक के अध्ययन में तपोवन क्षेत्र को एक मेगावाट की पायलट परियोजना तथा 10 मेगावाट की वाणिज्यिक जियोथर्मल विद्युत परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यूजेवीएनएल ने उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन भी कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल पर यूजेवीएन लिमिटेड और ऊर्जा विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन जियोथर्मल परियोजना राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। इससे भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, ऊर्जा के नए स्रोत विकसित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। हमारी सरकार उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाई जा रही यह परियोजना आने वाले समय में उत्तराखण्ड की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश को भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular