Friday, May 29, 2026
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उत्तराखंड के पेंशनरों को बड़ी राहत: अब घर बैठे ऑनलाइन जमा होगा ‘जीवन प्रमाण पत्र’

देहरादून:

उत्तराखंड के बुजुर्ग पेंशनरों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन करना पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गया है। डिजिटल तकनीक के इस बेहतरीन इस्तेमाल से अब बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों और कोषागार (ट्रेजरी) के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है।

‘जीवन प्रमाण’ ऐप और फेस आरडी तकनीक का कमाल

प्रदेश में इस समय करीब 1.5 लाख पेंशनर हैं, जिनमें से अकेले देहरादून में 22 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिक रहते हैं। इन सभी की सुविधा के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए पेंशनर चेहरा स्कैन करके (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट – DLC) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

इसके लिए बस कुछ शर्तें जरूरी हैं:

पेंशनर का मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।

पेंशनर की पूरी जानकारी कोषागार से अपडेट होनी चाहिए।

पेंशनर खुद या किसी भरोसेमंद ऑपरेटर के माध्यम से ऐप पर आईडी बनाकर घर बैठे सत्यापन कर सकते हैं।

कलेक्ट्रेट में खुला पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में एक विशेष ‘पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल’ बनाया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कार्यभार संभालते ही कोषागार का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा बुजुर्गों का सत्यापन डिजिटल माध्यम से ही कराया जाए ताकि उन्हें दफ्तर न आना पड़े। इस हॉल में बुजुर्गों को ऑनलाइन प्रक्रिया का बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

IFMS ऐप पर देखें स्टेटस:

पेंशनर अब IFMS (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव या इनएक्टिव) ऑनलाइन चेक कर सकते हैं और अपना पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर और जरूरी सतर्कता

मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि जो पेंशनर दूसरे जिलों के हैं लेकिन वर्तमान में देहरादून में रह रहे हैं, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बुजुर्गों के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है:

सावधानी: ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आने वाला ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। केवल अधिकृत और भरोसेमंद व्यक्ति को ही अपनी जानकारी दें।

सहायता के साधन विवरण
हेल्पलाइन नंबर 8899890000 (निदेशालय कोषागार द्वारा जारी)
आधिकारिक ईमेल treas-fdc-uk@nic.in

बुजुर्गों ने जताया आभार:

दून निवासी बुजुर्ग पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि फैसिलिटेशन हॉल में ट्रेनिंग मिलने के बाद अब वे भविष्य में घर बैठे ही अपना सर्टिफिकेट रिन्यू कर सकेंगे। उन्होंने सरकार की इस डिजिटल पहल को वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान बताया है।

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