Saturday, February 7, 2026
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मुख्यमंत्री ने धराली आपदा में क्षतिग्रस्त निजी और सार्वजनिक संपत्ति के आकलन तैयार करने हेतु 7 दिन की टाइमलाइन दी

  • मुख्यमंत्री ने धराली आपदा में क्षतिग्रस्त निजी और सार्वजनिक संपत्ति के आकलन तैयार करने हेतु 7 दिन की टाइमलाइन दी
  • धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता के मंदिर का पुनः निर्माण  किया जाएगा- सीएम धामी
  • हर्षिल तक की रोड कनेक्टिविटी 2 दिन में आरंभ करने के निर्देश
  • धराली ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने सीएम धामी के स्वयं तीन दिन तक धराली में उनके साथ बने रहने व उनका हौसला बनाए रखने, प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया  
  • धराली के लोग मेरे अपने, प्रभावितों का बेहतरीन विस्थापन किया जाएगा- सीएम धामी
  • मुख्यमंत्री ने बचाव व राहत कार्यों में लगे कार्मिकों की  प्रशंसा की, रक्षाबंधन के पर्व पर भी अपने घरों से दूर पूरे मनोयोग से राहत एवं बचाव कार्यों को समर्पित रहे कार्मिक  
  • राहत – बचाव कार्यों में लगी सरकारी मशीनरी का उत्साहवर्धन करने की अपील
  • मुख्यमंत्री ने की व्यापक जन सहयोग की भी अपेक्षा की, सभी को नकारात्मक एवं भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए
  • धराली के 108 बेघर परिवारों से निरंतर संपर्क एवं संवाद बनाएं रखेगे डीएम- मुख्यमंत्री
  • धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र के चैनेलाइजेशन के लिए जियोलॉजिस्ट की टीम को सोमवार सुबह रवाना करने के मुख्यमंत्री के निर्देश

सीएम धामी ने जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के सचिवों को धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए निजी और सार्वजनिक संपत्ति के आकलन को 7 दिन की टाइमलाइन में तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आठ संबंधित विभागों द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह आकलन तैयार होते ही भारत सरकार को भेजने की निर्देश दिए हैं।  इसके साथ ही सीएम ने धराली सहित राज्य के सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों हेतु सरकार की ओर से दी जा रही तात्कालिक सहायता वितरण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यह सहायता राशि तात्कालिक रूप से प्रभावितों  को प्रदान की जा रही है, इस संबंध में किसी भी प्रकार की नकारात्मकता ना फैलाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता के मंदिर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली के लोग हमारे अपने लोग हैं, उनका बेहतरीन विस्थापन किया जाएगा, इस सम्बन्ध में कोई कमी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राहत – बचाव कार्यों में लगी सरकारी मशीनरी का उत्साहवर्धन करने की अपील की, उन्होंने इसमें जन सहयोग की भी अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी को भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार से बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी रविवार को आपदा कंट्रोल रूम, आई०टी० पार्क, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली- हर्षिल आपदाग्रस्त क्षेत्र में हर्षिल तक  सड़क मार्ग को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मंगलवार तक सुचारु करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित एजेंसियो ने जानकारी दी है कि आज शाम लिमचीगाड़ ब्रिज संचालित होते ही, हर्षिल तक की रोड कनेक्टिविटी 2 दिन के भीतर आरंभ कर दी जाएगी। सड़क के जल्द से जल्द निर्माण हेतु सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को धराली आपदा में 108 बेघर हुए परिवारों से निरंतर सम्पर्क एवं संवाद बनाते हुए तात्कालिक रूप से उनके रहने, भोजन दवाइयों एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बेहतरीन व्यवस्थाए करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि धराली आपदा ग्रस्त क्षेत्र के चैनेलाइजेशन के लिए सोमवार की सुबह ही आईआईटी रुड़की, सी एस आर ई एवं अन्य विशेषज्ञ एजेंसीयों के जियोलॉजिस्ट की एक टीम तत्काल रवाना की जाए।
आज की बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से ग्राम प्रधान सहित धराली के आपदा प्रभावितों से बात की। धराली ग्राम प्रधान तथा अन्य  ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्वयं तीन दिन तक  धराली में उनके साथ बने रहने, उनका हौसला बनाए रखने, आपदा आकलन हेतु तत्काल त्रिस्तरीय समिति बनाने, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत आरंभ करने एवं प्रशासन द्वारा प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।
धराली व पौड़ी आपदा के राहत एवं बचाव कार्यों में निरंतर लगे सभी सरकारी अधिकारियों एवं कार्मिकों  की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि रक्षाबंधन पर्व के दौरान भी  अपने घरों से दूर रहते हुए धराली एवं अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में निरंतर  पूरे मनोयोग से कार्य करते हुए सभी अधिकारियों एवं कार्मिक, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, विभिन्न एजेंसियों  एवं सेना के जवानों  ने जो हिम्मत दिखाई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी पौड़ी से भी आपदा रावत बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। डीएम पौड़ी श्रीमती स्वाति भदौरिया ने बताया कि पौड़ी के 338 गांव आपदा प्रभावित है। आपदा प्रभावित सैंजी गांव के क्षतिग्रस्त घरों का आकलन कर दिया गया है। अभी तक प्रभावितों को 50.86 लाख रुपए का मुआवजा वितरण कर दिया गया है। जनपद में राहत कार्य मिशन मोड पर संचालित किया जा रहे हैं।बैठक में मुख्य सचिव  आनंद वर्धन, डीजीपी  दीपम सेठ, प्रमुख सचिव  आर के सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा पौड़ी तथा धराली के ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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